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लसोड़ा | LASODA

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लसोड़ा के विषय में –

भारतीय उपमहाद्वीप को विभिन्न स्वदेशी जामुन और फलों का गढ़ माना गया है।इनमें से कुछ मध्य भारत के प्राकृतिक / कुदरती माहालों में उगते हैं जो थोड़े कठोर होते हैं और उन्हें बहुत आसानी से उग जाते हैं | स्थानीय लोगों ने देशी सामग्रियों की मदद से इन्हें विकसित किया है। लसोड़ा या गोंदी ऐसा ही एक फल है। केर और करोंदा के साथ, लसोड़ा उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों विशेषकर मारवाड़ी समुदाय में अचार के विकल्प के रूप में लोकप्रिय है। अचार को आमतौर पर गुंडे का अचार कहा जाता है।

राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के स्थानीय बाजारों में लसोड़ा आसानी से मिल जाता है। लसोड़ा के पेड़ के अन्य उपयोग भी हैं। इसकी छाल का उपयोग पारंपरिक औषधियों में किया जाता है और इसकी पत्तियों और हरी टहनियों को व्यंजन के रूप में पकाया जाता है और इसके पौधे की लकड़ी का उपयोग कृषि उपकरण बनाने के लिए किया जाता है। फल कच्चा होने पर हरा होता है और पकने पर इसका रूप बदल जाता है और यह रसीला दिखने लगता है। यह खनिजों का समृद्ध स्रोत है। सांस की बीमारियों के इलाज के लिए एक आयुर्वेद सूत्रीकरण/ FORMULATION में लसोड़ा एक प्रमुख घटक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

लसोड़ा फल में प्रोटीन, क्रूड फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, आयरन, फॉस्फोरस व कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। लसोड़ा का वृक्ष मध्यम ऊंचाई वाला होता है और इसके फल अकार में छोटा होता है। हाई ब्लड प्रेशर दुनिया भर में सबसे आम बीमारी है लेकिन आप इसे घरेलू नुस्खों के जरिए भी ठीक सकते हैं। साल 2016 में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि कॉर्डिया मायक्सा फल में उच्च-रक्तचापरोधी गुण होते हैं। अध्ययन 5 सप्ताह के लिए किया गया था और यह पाया गया कि यह फल रक्तचाप के स्तर को प्रबंधित कर सकता है और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर सकता है।

इसका अचार (Lasoda pickle), चूरन के रूप में सेवन किया जाता है। कुछ लोग साग भी खाते हैं। इसके फल के साथ ही पत्ते, छाल भी सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं। इससे आप खांसी, बुखार, त्वचा संबंधित समस्या, अस्थमा आदि के लक्षणों को कम कर सकते हैं। दक्षिण, गुजरात और राजस्थान के लोग इसे अपने खान-पान में इ्स्तेमाल करते हैं। लसोड़े के पत्तों का स्वाद पान की तरह होता है और इस पेड़ की तीन से प्रजातियां होती हैं लेकिन लमेड़ा और लसोड़ा फेमस हैं।

● साफ-सुथरी पैकिंग :
बाजार में मिलने वाले अचार से इतर जब लोकल ब्रांड्स को ट्राई किया जाए तो पैकिंग को देखकर ही अच्छा लगता है। Sandee Foods कई तरह के अचार बनाते हैं साथ ही अचार की पैकिंग एकदम टाईट होती है ताकि लीकेज का कोई चांस ना हो और अचार भी फ्रैश रहे। प्लास्टिक के easy to carry डिब्बे में लसोड़े के अचार की पैकिंग की गई है।

● Sandee Foods स्वाद के साथ बजट फ्रैंडली भी :
घर के स्वाद के साथ अगर प्रोडक्ट बजट फ्रैंडली भी हो तो क्या ही कहने। Sandee Foods के लसोड़े के अचार की बात की जाए तो 250 ml अचार के डिब्बे की कीमत सिर्फ 250 रूपए ही है जो स्वाद और क्वालिटी के हिसाब से अच्छी डील है।
अचार में किसी भी तरह के preservatives, colors या फिर artificial मसालों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। घर पर इस्तेमाल होने वाले मासलों से ही अचार का मसाला तैयार किया गया है। Homely Tast जो आप ढूंढ रहे हैं वो मिलता है Sandee Food के अचार में। बाकि लसोड़ो का जो स्वाद है वो भी इस अचार में पूरी तरह से बरकरार रखा गया है।

● कस्टमर सर्विस
पॉकेट फ्रैंडली हैं साथ ही सर्विस और कस्टमर के साथ व्यवहार भी बेहद सौम्य है, जो किसी भी व्यापार के लिए सबसे अहम पहलु है। किसी भी ब्रांड को बढ़ाने के लिए अपने कस्टमर के साथ अच्छा व्यवहार और भरोसा बेहद मायने रखता है। अगर आप दिल्ली, एनसीआर में रहते हैं तो आपको कम से कम एक दिन के अंदर मखाने की डिलीवरी आप तक Sandee Food पहुंचा सकता है।

● सामग्रालय का अनुभव
हमारे देश को विरासत में मिलने वाले प्राकृतिक भोजन की कई किस्में अब हमारे खान-पान से दूर हो चकुी हैं, लेकिन Sandee Foods जसै ब्रांड के प्रयास से पौष्टिक, स्वादिष्ट और शुद्ध अचार आपके किचन तक पहुंच रहे हैं जो काबिले तारीफ है। सामग्रालय का अनुभव काफी अच्छा रहा। अब समय है आपके अनुभव में Sandee Food के अचार को जोड़ने का। नीचे दी गई वैबसाइट के लिंक पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

लसोड़ा के व्यंजन

  • अचार
  • खट्टी मीठी सब्जी
  • लसोड़ा का काढ़ा
  • छास को पानी में मिलाकर पीएं

लसोड़ा के फायदे

  • औषधीय गुणों से भरपूर
  • हई ब्लड प्रेशर में फायदेमंद
  • स्किन डिसऑर्डर को दूर करे
  • गले की खराश दूर करे

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