मुनस्यारी राजमा | MUNSYARI RAJMA

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मुनस्यारी राजमा के विषय में –

सात हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले उच्च हिमालयी आदि गांवों में पैदा होने वाली राजमा को मुनस्यारी के राजमा नाम से जाना जाता है। अपने स्वाद के चलते विशेष पहचान रखती है। मैदानी क्षेत्रों में पैदा होने वाली राजमा से आकार में कुछ बड़ी सीमांत की राजमा पूरी तरह जैविक तरीके से उत्पादित की जाती है। इसके उत्पादन में किसी तरह की रासायनिक खाद का उपयोग नहीं होता है।

कहाँ है मुनस्यारी ?

मुनस्यारी, उत्तराखंड राज्य के पिथौरगढ़ जिले का गांव है जो बेहद ही खूबसूरत है। मुनस्यारी पहुंचने वाले विदेशी सैलानियों को जब भोजन में राजमा परोसी जाती है तो वे इसके बारे में जानकारी लेते हैं और इसके बनाने की विधि सीखकर इसे अपने साथ ले जाते हैं। बीते वर्षों में यहां पहुंचे तमाम विदेशी सैलानी राजमा की खरीदारी कर रहे हैं। शादी विवाह हो या फिर कोई अन्य कार्यक्रम सभी में मुनस्यारी की राजमा की मांग रहती है। इधर अब मुनस्यारी के राजमा को जीआइ टैग मिलने से राजमा के उत्पादन से लेकर गुणवत्ता तक में अधिक सुधार आने के लिए आसार बन चुके हैं।

पौष्टिक गुणों से भरपूर मुनस्यारी राजमा

हिमालयी क्षेत्र में उत्पादित यह राजमा पौष्टिक गुणों से भरपूर है। इन्हीं गुणों के चलते पूरे उत्तर भारत में इसकी मांग है, हालांकि मांग की तुलना में उत्पादन सीमित है। इसके चलते मुनस्यारी, पिथौरागढ़ और अब हल्द्वानी के बाजारों तक ही यह पहुंच पाती है। मुनस्यारी के लोग उत्तर भारत के विभिन्न इलाकों मे रहने वाले अपने नाते रिश्तेदारों और परिचितों को राजमा उपलब्ध कराते हैं। मुनस्यारी आने वाले पर्यटक भी मुनस्यारी की राजमा के स्वाद के दीवाने हैं। जिसके चलते मुनस्यारी की राजमा की चर्चा देश ही नहीं विदेशों तक होती है।

मुनस्यारी राजमा की पारंपरिक खेती

मुनस्यारी राजमा की खेती की प्रक्रिया इस भौगोलिक क्षेत्र की विशिष्टता है। ग्रामीण समुदाय पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक खेती और उत्पादन विधियों को सख्ती से अपनाता है। पहाड़ी क्षेत्र पर ऊंचाई और ढलान होने के कारण जमीन में ज्यादातर काम हाथ से ही किये जाते हैं। चूँकि इस क्षेत्र में सर्दियों के मौसम में और अप्रैल तक अच्छी बर्फबारी होती है, बर्फ पिघलने के बाद मिट्टी सही मात्रा में नमी से समृद्ध होती है। अच्छी गुणवत्ता वाले कार्बनिक पदार्थ से मिट्टी का स्वास्थ्य उत्कृष्ट है। यहां पाई जाने वाली अच्छी जल निकास वाली दोमट मिट्टी राजमा की खेती के लिए उपयुक्त है। राजमा की खेती मई से सितंबर के बीच होती है।

Samagralay Review : DIMUDH ब्रांड के Munsyari Rajma

सामग्रालय परिवार की कोशिश हमेशा आपको खान-पान की नई-नई किस्मों की सामग्रियों के बारे में जानकारी देने की होती है। इस बार हमारे पास है एक खास सामग्री जो अपने नाम के साथ-साथ अपने रूप और फायदों के लिए भी अनोखी है। आप यहां पढ़ रहे हैं पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के DIMUDH ब्रांड के Munsyari Rajma के बारे में।

उत्तराखंड में मुनस्यारी की राजमा का जलवा है। शादी, विवाह हो या फिर कोई अन्य कार्यक्रम सभी में मुनस्यारी की राजमा की मांग रहती है। मुन्सायरी राजमा अपने आप में स्वादिष्ट, पौष्टिक और ऑरगैनिक राजमा है। पहाड़ों में उगने वाली राजमा जो स्वादिष्ट और हेल्दी हो तो कोई क्यों ना उसे इपने घर लाएं!

साफ-सुथरी पैकेजिंग :

DIMUDH की पैकेजिंग भी अच्छी है और देखने में भी सुंदर है। पैकेट में ट्रांसपैरेंट गैप भी दिया गया है जिससे प्रोडक्ट की डिटेलिंग साफ नजर आती है। लेबल और प्रोडक्ट (राजमा) के पैकेट को देखने भर से रंग, क्वालिटी और साइज आसानी से समझ भी आ जाता है। DIMUDH के सभी प्रोडक्ट्स हिमालयी जलवायु में ही उगाए जाते हैं इसीलिए इनका स्वाद और पौषण बरकरार रहते हैं।

लाल रंग के Kidney Beans :

मुनस्यारी की राजमा में बहुत सारे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और घुलनशील फाइबर से भरपूर होते हैं, साथ ही मुनस्यारी राजमा पोषक तत्वों का एक पावरहाउस है। इसके अलावा, ये किडनी के आकार की फलियाँ अपनी समृद्ध बनावट और विशिष्ट सुगंध के साथ खाने में एक स्वादिष्ट स्वाद लाती हैं। प्रोटीन से भरपूर ये फलियाँ न केवल शानदार स्वाद प्रदान करती हैं बल्कि शरीर को आवश्यक प्रोटीन भी प्रदान करती हैं और सिस्टम के लचीलेपन को बढ़ाती हैं।

कैसे पकाएं मुनस्यारी की राजमा :

• 
DIMUDH से खरीदे गए किडनी बीन्स, लाल गाढ़े रंग के छोटे राजमा होते हैं जो देखने में भी काफी आकर्षक लगते हैं।
 पकाने से पहले इनका भिगोना पड़ता है लगभर 3 से 4 घंटे, जिसके बाद इनका साइज फूल कर काफी बड़ा हो जाता है।
 इसीलिए इन्हें भिगोते समय कम मात्रा में ही भिगोएं क्योंकि भीगने के बाद इनका साइज डबल हो जाता है।
• वैसे तो ये राजमा गलने में समय नहीं लगाते मगर आप चाहें तो भिगोने के लिए गर्म पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
• इसके बाद 3 से 4 सीटी में राजमा आराम से पक जाता है।

सामग्रालय का अनुभव :

हमारे लिए DIMUDH ब्रांड के Munsyari Rajma को टेस्ट करने का अनुभव काफी अच्छा रहा क्योंकि ये अपने आप में एक अलग और नए किस्म का राजमा है जो सामान्यत: बाजार में नहीं मिलता या आम जनमानस के पास इसकी जानकारी नहीं है, जो स्वाद के साथ या कहें उससे ज्यादा सेहत के लिए फायदेमंद है। इसीलिए अगर आप यहाँ तक पहुंच ही गए है तो एक बार नीचे दिए गए लिंक पर जाकर खुद को सेहतमंद बनाने की तरफ एक क्लिक बढ़ाएं।

मुनस्यारी राजमा का सेवन

  • सलाद

  • सब्जी

  • दाल

  • करी

  • सूप

मुनस्यारी राजमा के फायदे

  • कैंसर से लड़ने में मदद करता है

  • रक्तचाप कम करता है

  • हृदय रोगों से बचाता है

  • शिशुओं का सर्वांगीण विकास करता है

  • वजन घटाने पर असर पड़ता है

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